IES की परीक्षा योग्यता पद एवं सुविधाएं

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IES Exam Full Detail in Hindi


अगर आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और इंजीनियरिंग के बाद करियर विकल्पों के बारे में जानना चाहते हैं ,तो यह लेख आपके लिए ही है इसे अंत तक पढ़िए. इस लेख में हमने IES के रूप में मिलने वाली सुविधाओं जिम्मेदारियों  और उनके महत्व के साथ, IES के पद पर चयन हेतु यूपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से उल्लेख किया है. साथ ही इस लेख में हम आपको बताएँगे कि IES के पद पर चयनित होने के बाद आपको किस प्रकार की संस्थाओं में कार्य करने के मौके मिलेंगे .करियर अपॉर्चुनिटी क्या  होगी ? तथा भविष्य में किस प्रकार की ग्रोथ और पद एवं वेतन की उम्मीद आप कर सकतें है 





IES होता क्या है ?

IES का पूरा नाम इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज(Indian Engineering Services) है .IES परीक्षा उस सेवा विषय से संबंधित है, जिसके द्वारा अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवार एक Techno-Managerial Officer के रूप में भारत सरकार की विभिन्न इंजीनियरिंग, तकनीक एवं प्रबंधन से जुड़े कामों  की ज़िम्मेदारी संभालने का काम करते हैं. IES भारत सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित होने वाले अभियंत्रण से संबंधित कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी संभालते हैं. IES के लिए उम्मीदवारों का चयन ,अधिकारियों की नियुक्ति UPSC(Union Public Service Commission) के द्वारा ही होता है.  विभागीय नियुक्ति के संबंध में नीचे लिखा गया है…

IAS तथा  IES में अंतर क्या है ?

भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय इंजीनियरिंग सेवा दोनों ही परीक्षाओं का संचालन तथा उम्मीदवारों का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी)  के द्वारा ही किया जाता है. फिर भी इन दोनों ही परीक्षाओं के द्वारा चयनित उम्मीदवारों की भूमिका अलग-अलग होती है.

IES अधिकारी के रूप में चयनित उम्मीदवार भारत सरकार की विभिन्न तकनीकी विभागों में तकनीकी जिम्मेदारियों को निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वही आईएएस(IAS) भारत सरकार की विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालते हैं.

IES की परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों सड़क दूरसंचार रेलवे तथा अन्य विभागों में नियुक्त किए जाते हैं जबकि इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस(IAS) की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को IRS,IPS IAS  तथा IFS जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्रों (Administrative Service Areas) में काम करने का मौका मिलता है.

एक IES अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम योग्यता इंजीनियरिंग के  4 विषयों में से किसी एक में ग्रेजुएशन है .जबकि आईएएस(IAS) की न्यूनतम अर्हता किसी भी विषय से स्नातक(Graduation) की उपाधि प्राप्त होना है.आईएएस(IAS) तथा IES की परीक्षा में आपको तीन चरणों( प्रीलिम्स, मेन तथा इंटरव्यू) से गुजरना पड़ता है.  

IES Officer को मिलने वाली सुविधाएं

एक इंजीनियरिंग सर्विस के अधिकारी के रूप में नियुक्ति के साथ ही आपको भारत सरकार के Class A(क्लास वन )ऑफिसर की सारी सुविधाएँ मिलेंगी.  एक इंजीनियरिंग सेवा का अधिकारी बहुत ही कम आयु में बहुत ऊंचे ओहदे तक पहुंच जाता है और उनको अन्य कई उच्च पदस्थ अधिकारी रिपोर्ट करते हैं. एक इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी को मिलने वाली सुविधाओं की तुलना   वास्तव में किसी भी अन्य क्लास वन अधिकारी से नहीं की जा सकती है. इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं की बात ही कुछ और होती है और यही बात इस सेवा को अपने आप में इतना खास और महत्वपूर्ण बनाती हैं.

 एक इंजीनियरिंग सर्विस ऑफिसर के रूप में  मिलने वाली अन्य सुविधाओं की सूची इस प्रकार है:

  • रहने के लिए बँगला. 
  • आने जाने के लिए गाड़ी.
  • ड्राइवर.
  • चपरासी.
  • घरेलू नौकर.
  • निजी सहायक 
  • सीजीएचएस की स्वास्थ्य सुविधा.
  • यात्रा भत्ता.

तथा  इसके अलावा ग्रैच्युटी सहित अन्य तमाम सुविधाएँ जो सामान्य रूप से किसी भी अधिकारी को प्राप्त होता है.





विभाग जहां चयनित IES अधिकारियों की नियुक्ति होती है

नीचे कुछ प्रमुख विभाग दिए गए हैं जहां अधिकारियों की तैनाती होती है

  • Defense Service Engineers Corps
  • Indian Ordnance Factory
  • Geological Survey of India
  • Border Roads Engineering Service
  • Central Power Engineering Services
  • Indian Telecommunication Service
  • Indian Navy Armaments Service
  • Indian Army Engineering  Service
  • Indian Railway Services
  • Central Engineering Service for Roads (Indian Navy)
  • Indian Supply Service
  • Central Electrical & Mechanical Service
  • Central Water Engineering …

 ब्रांच वाइज विभाग एवं उपक्रम जहां अधिकारियों की तैनाती होती है

मैकेनिकल इंजीनियरिंग(Mechanical Engineering):

मैकेनिकल इंजीनियरिंग से नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों की नियुक्ति निम्न विभागों में होती है:- 

  • Central Power Engineering Service
  • Indian Naval Armament Service
  • Indian Railway Service of Mechanical Engineers
  • Central Engineering Service (Roads) Indian Navy
  • Geological Survey of India
  • Indian Supply Service
  • Central Water Engineering Service (Central Water Commission)
  • Corps of Electronics and Mechanical Engineers(EME), Indian Army
  • Central Electrical & Mechanical Engineering Service
  • Electrical and Mechanical Engineers, a branch in the Indian Army
  • Indian Defense Service of Engineers

 

सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineers) :

सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र से नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति इन विभागों में होती है

  • Border Roads Engineering Service (BRES) (Border Roads Organisation)
  • Central Engineering Service (CES) (Central Public Works Department)
  • Central Engineering Service (Roads) (Ministry of Road Transport & Highways)
  •  Indian Railway Service of Engineers (IRSE)
  • Indian Railway Stores Service (IRSS)
  • Indian Defence Service of Engineers (IDSE) (Military Engineer Services)
  • Indian Ordnance Factories Service (IOFS)
  • Military Engineer Services (QS & C)
  • Central Water Engineering Service (CWES) (Central Water Commission)
  • Survey of India Service. 

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग(Electrical Engineering):

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र से  नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों का समायोजन इन विभागों में होता है 

  • Central Electrical and Mechanical Engineering Service (Central Public Works Department)
  • Central Power Engineering Service
  • Corps of Electronics and Mechanical Engineers (EME), Indian Army
  • Indian Defence Service of Engineers (Military Engineer Services)
  • Defence Aeronautical Quality Assurance Service
  • Indian Naval Armament Service (Directorate of Naval Armament)
  • Indian Naval Material Management Service (INMMS)
  • Indian Ordnance Factories Service (IOFS)
  • Indian Railway Service of Electrical Engineers
  • Indian Railway Stores Service
  • Indian Supply Service (Directorate General of Supply and Disposals)
  • P & T Building Works Service (Department of Telecommunications (DOT), Ministry of Communications)
  • Indian Skill Development Services

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन(Electronics & Telecommunication) :

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्र से आने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति  इन विभागों में होती है  

  • Indian Naval Material Management Service (INMMS)
  • Central Power Engineering Service (Central Electricity Authority)
  • Corps of Electronics and Mechanical Engineers (EME), Indian Army
  • Defence Aeronautical Quality Assurance Service
  • Indian Inspection Service (Directorate General of Supply and Disposals)
  • Indian Radio Regulatory Service
  • Indian Railway Service of Signal Engineers
  • Indian Naval Armament Service (Directorate of Naval Armament)
  • Indian Naval Stores Service (Indian Navy)
  • Indian Ordnance Factories Service (IOFS)
  • Indian Railway Stores Service
  • Indian Supply Service (Directorate General of Supply and Disposals)
  • Indian Telecommunication Service.





IES Officer बनने के लिए परीक्षा  का पैटर्न एवं शैक्षणिक योग्यता: 

Nationality:

अभ्यर्थी भारत का नागरिक  हो

इसके अलावा अन्य सरकारी नौकरियों के लिए भारत में नेपाल भूटान तथा भारतीय मूल के प्रवासियों के लिए जो नियम लागू होते हैं वही यहां भी मान्य  हैं.

शैक्षणिक योग्यता :

किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय(Recognized University) से नीचे दिए गए इंजीनियरिंग में स्नातक अथवा समकक्ष की डिग्री.

  1.  सिविल इंजीनियरिंग(Civil Engineering)
  2.  मैकेनिकल इंजीनियरिंग(Mechanical  Engineering)
  3.  इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग(Electronics Engineering)
  4. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग(Electrical Engineering)

 कुछ सेवाओं के पद हेतु वायरलेस संचार, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियों भौतिकी या रेडियों इंजीनियरिंग के साथ एसएससी डिग्री या समकक्ष विशेष विषयों के रूप में स्वीकार्य है.

आयु(Age Limit): 

 न्यूनतम 21 वर्ष तथा अधिकतम 30 वर्ष.

भारतीय संविधान के अनुसार  उम्र सीमा में विभिन्न वर्गो को मिली  छूट यहां भी लागू होती है जिसके आधार पर

 नॉन क्रीमी लेयर में आने वाले ओबीसी  उम्मीदवार को 3 वर्षों की

SC/ST में आने वाले  उम्मीदवार को को 5 वर्षों की

 रक्षा सेवाओं में काम करते हुए अपंग व्यक्तियों को 4 साल

 तथा केंद्र सरकार में काम करने वाले कर्मचारियों को Age Limit में 5 वर्ष की  रियायत है.

यहां उम्मीदवार जितना चाहे उतनी बार प्रयास कर सकता है जब तक कि वह अपनी उम्र सीमा को पार नहीं कर लेता.

IES  परीक्षा का पैटर्न : 

भारतीय इंजीनियरिंग सेवा(Indian Engineering Services/IES) का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है. जिसमें प्रथम दो चरणों में लिखित परीक्षा होती है.प्रथम चरण में 2 पेपर होते हैं. पेपर वन में वर्तमान में समसामयिक मुद्दे, इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड तथा सामान्य अध्ययन के विषयों से प्रश्न होते हैं. पेपर 2 के प्रश्न संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन से होता है.दूसरा चरण भी दो स्टेज में होता है, यहां दोनों ही परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन से रहते हैं.

परीक्षा पैटर्न के बारे कुछ मुख्य तथ्य:

  • परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है यानी कि प्रीलिम्स, मेंस तथा इंटरव्यू.
  • Prelims के प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होते हैं तथा Main के प्रश्न दीर्घ उत्तरीय.
  • परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी होता है.
  • नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था रहती है.
  • परीक्षा ऑफलाइन मोड में संचालित किया जाता है.
  • कुल 1100 अंक की  लिखित परीक्षा होती है
  • परीक्षा कुल 11 घंटे एवं 3 दिनों में संपन्न होती है.

भारतीय इंजीनियरिंग सेवा का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है. जिसमें प्रथम दो चरणों में लिखित परीक्षा होती है.प्रथम चरण में 2 पेपर होते हैं. पेपर वन में वर्तमान में समसामयिक मुद्दे, इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड तथा सामान्य अध्ययन के विषयों से प्रश्न होते हैं. पेपर 2 के प्रश्न संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन से होता है.दूसरा चरण भी दो स्टेज में होता है यहां दोनों ही परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन से रहते हैं.

 

IES को भारत के कठिनतम परीक्षाओं में से एक माना जाता है. चूँकि सांख्यिकीय आधार पर प्रति हजार में से एक उम्मीदवार का चयन होता है. तकनीकी विषय, उच्च प्रतियोगिता एवं सरकारी उपक्रमों में मिली जिम्मेदारी और महत्व के कारण समाज में आईइएस अधिकारी(IES Officer) को बहुत ही आदर और सम्मान प्राप्त है …

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